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भारत साधु समाज ने दी ब्रह्मलीन म.म.स्वामी महादेव महाराज को भावभीनी श्रद्धांजलि

Publish Date: 26-06-2020 Total Views :46

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राकेश वालिया /हरिद्वार,भारत साधु समाज के पंजाब और जम्मू प्रदेश अध्यक्ष एवं जय माँ मिशन के संस्थापक म.म. स्वामी महादेव महाराज पंजाब के लुधियाना मे अपोलो हाॅस्पिटल में इलाज के दौरान ब्रह्मलीन हो गए। उनके आकस्मिक निधन से उनके अनुयायियों, जय माँ मिशन से जुड़े श्रद्धालुओं सहित धर्मनगरी हरिद्वार के संत समाज में शोक की लहर है। हरिद्वार के संत समाज की ओर से श्री जयराम आश्रम में भारत साधु समाज के केंद्रीय उपाध्यक्ष स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज की अध्यक्षता तथा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज के संचालन में शोक सभा का आयोजन कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने ब्रह्मलीन म.म.स्वामी महादेव महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि म.म.स्वामी महादेव महाराज सरलता, करूणा और धर्म की प्रतिमूर्ति थे। उनका धर्मनिष्ठ और परोपकारमय जीवन समाज के लिए सदैव अनुकरणीय बना रहेगा। श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत साधु समाज को महादेव स्वामी के ब्रह्मलीन हो जाने से अपूर्णीय क्षति हुई है। ब्रहमलीन स्वामी महादेव महाराज भारत साधु समाज के पंजाब और जम्मू प्रांत के अध्यक्ष के संगठन के महत्वपूर्ण पदाधिकारी थे। श्रीमहंत ललितानंद गिरि महाराज एवं श्रीमहंत विनोद गिरि महाराज ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी महादेव महाराज का असमय ब्रह्मलीन होने से अध्यात्म जगत को भारी क्षति हई है। स्वामी महादेव महाराज कुशल संगठनकर्ता और महान संत थे।  स्वामी सत्यव्रतानंद एवं स्वामी साधनानन्द महाराज ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी महादेव महाराज ने अपनी गुरु ब्रह्मलीन ऊषा माता की विरासत को सहेजकर रखा और जय माँ मिशन को संगठित कर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया। 
    श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर म.म.स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज,कालिका पीठाधीश्वर श्री महंत सुरेन्द्र नाथ अवधूत  ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि अपने तप व विद्वता के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के प्रचार प्रसार के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले ब्रह्मलीन स्वामी महादेव महाराज उच्च कोटि के विद्वान संत थे। जय मां मिशन की स्थापना कर संपूर्ण देश को मानवता का संदेश देने वाले ऐसे महान महापुरूष के अचानक चले जाने से संत समाज में जो रिक्तता आयी है। उसे भरना मुश्किल होगा। 

     ब्रह्मलीन स्वामी महादेव महाराज का धर्मनिष्ठ और परोपकारमय जीवन सदैव प्रेरणा देता रहेगा-स्वामी ब्रह्मरूप ब्रह्मचारी

श्री चेतन ज्योति आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी ऋषिश्वरानन्द महाराज, पूर्व पालिका अध्यक्ष स्वामी सतपाल ब्रह्मचारी व म.म.स्वामी सोमेश्वरानन्द गिरी ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी महादेव महाराज एक दिव्य महापुरूष थे। जिन्होंने सदा गरीब, असहायों की मदद की और अनेकों सेवा प्रकल्पों के माध्यम से समाज कल्याण में अपना योगदान दिया। राष्ट्र कल्याण में उनके अहम योगदान का संत समाज सदैव आभारी रहेगा। 
रामेश्वर आश्रम के परमाध्यक्ष म.म.स्वामी रामेश्वरानन्द सरस्वती महाराज, आनन्द पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने कहा कि स्वामी महादेव महाराज एक विद्वान महापुरूष थे। जिन्होंने जीवन पर्यन्त मानवता की सेवा की और परोपकार को अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। युवा संतों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज सेवा के लिए सदैव समर्पित रहना चाहिए। 
युवा भारत साधु समाज के अध्यक्ष महंत शिवानंद व महामंत्री स्वामी रविदेव शास्त्री महाराज ने कहा कि महापुरूष केवल शरीर त्यागते हैं। समाज कल्याण के लिए उनकी आत्मा सदैव व्यवहारिक रूप से उपस्थित रहती है। स्वामी महादेव महाराज तो साक्षात त्याग व तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। जिन्होंने संत समाज की सेवा करते हुए धर्म के नए आयाम स्थापित किए। उनका सरल स्वभाव व सादगीपूर्ण जीवन सभी को सदैव प्रेरणा देता रहेगां इस अवसर पर महंत ज्ञानदेव सिंह श्रीमहंत रामरतन गिरी, स्वामी प्रबोधानंद गिरी, स्वामी चिदविलासानंद, मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्क्ष श्रीमहंत रविन्द्रपुरी, स्वामी राजेंद्रानंद, स्वामी जगदीशानंद गिरी, बाबा हठयोगी, महंत प्रेमदास, स्वामी कपिल मुनि, महंत रूपेंद्र प्रकाश, महंत दिव्यानंद, महंत प्रकाशानंद, महंत अवनीशानंद, महंत कमलदास, स्वामी कमलानंद महाराज आदि संत महंतों व कई राजनीतिक तथा समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने ब्रह्मलीन स्वामी महादेव महाराज को त्याग व तपस्या की प्रतिमूर्ति बताते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।